गन्ना किसान तोड रहे दम,सरकार का 14 दिन में भुगतान का दावा वेवुनियाद— शेखर दीक्षित

गन्ना किसान तोड रहे दम,सरकार का 14 दिन में भुगतान का दावा वेवुनियाद— शेखर दीक्षित

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक गन्ना किसान ओमपाल ने आत्महत्या कर ली. उसकी मौत के बाद भी जिला प्रशासन सरकार की नाकामी छिपाने को विवश है. उक्त मामले में किसानों का आरोप है कि चीनी मिल से तौल पर्ची न मिलने के कारण उसने ये कदम उठाया. उधर मुजफ्फरनगर डीएम सेल्वा कुमारी जे भले ही सरकार की नाकामी छिपाने के लिए ताना बाना बुन रही लेकिन सच्चाई से तो पूरे प्रदेश का किसान वाकिफ है प्रदेश में जब भी कोई किसान के आत्महत्या का मामला प्रकाश में आता है तो जिला प्रशासन व सरकार इसे मानने को किसी भी दशा में तैयार नही होती जो बहुत ही दुखद है।

जबकि भाजपा सरकार का दावा है कि 14 दिनों में पूरा भुगतान दिया जा रहा है लेकिन सच्चाई इससे अलग है चीनी मिले किसानो का हजारों करोड़ रुपया दबाकर बंद हो चुकी हैं।

किसान अपनी गन्ने की फसल को खेत में सूखता देख और पर्ची न मिलने के चलते मुजफ्फरनगर के गन्ना किसान ने आत्महत्या कर ली. सोचिए इस आर्थिक तंगी के दौर में भुगतान न पाने वाले किसान परिवारों पर क्या बीत रही होगी?

दरअसल किसानों का कहना है कि मुजफ्फरनगर के खतौली त्रिवेणी शुगर मिल ने किसानों के गन्ना तोल सेंटर पर तोल बंद करा दी है. कहा जा रहा है कि गन्ने की पर्ची न मिलने से किसान ओमपाल अपनी तैयार बर्बाद होती गन्ने की फसल को लेकर परेशान था. मृतक किसान ओमपाल सिंह की सिसौली गांव में 6 बीघा खेती है. लॉकडाउन में ओमपाल सिंह की 3 बीघा गन्ने की फसल तो मिल में पर्ची के आधार पर चली गई, लेकिन बाद में बची 3 बीघा गन्ने की फसल की पर्ची किसान को चक्कर काटने के बाद भी शुगर मिल ने नहीं दी. इसके बाद परेशान किसान ने अपने खेत में पेड़ से लटक कर आत्महत्या कर ली.

वही किसान की मौत के बाद गुस्साए सैकड़ों किसानों और पुलिस के बीच शव पोस्टमार्टम को भेजने को लेकर नोकझोंक हो गई. मृतक किसान ओमपाल सिंह अपने घर में अकेला कमाने वाला किसान था. किसान ओमपाल सिंह के परिवार में उनकी पत्नी के साथ उनके 6 बच्चे हैं. वही किसान के आत्महत्या करने के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है. गुस्साए ग्रामीणों ने शव को खेत में घंटे तक रखकर खतौली त्रिवेणी शुगर मिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की वही जिम्मेदार अधिकारियो पर भी वैधानिक कार्यवाही आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना न हो।